पाठा की ऐतिहासिक धरती पर पुरातत्व विभाग की टीम..


  आज जन्मदिन से ठीक पहले एक और बेशकीमती उपहार मिला । इस बार उपहार लखनऊ से आई पुरातत्व विभाग की टीम ने दिया । पाठा की पावन और ऐतिहासिक धरती "मानिकपुर सरहट" में पुरातत्व विभाग की टीम ने आस पास के क्षेत्रों में मौजूद #पुरापाषाणकालीन_शैलाश्रयों का सर्वेक्षण किया । इस मौके पर उन्होंने दर्जनों स्थानों का निरीक्षण किया और इस खोज के लिए उन्होंने धन्यवाद भी दिया । आज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सहयोग श्रीमान शिवशंकर कंचनी जी का मिला जिनका समय समय पर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है और इस खोज में भी महत्वपूर्ण योगदान है ।  इस मौके पर मानिकपुर विकास मोर्चा की पूरी टीम उपाध्यक्ष और सभासद वीरेंद्र डोंगरा जी के नेतृत्व में उपस्थित रही ।

   गौरतलब हो कि विगत कई दिनों पहले मानिकपुर सरहट में मुझे सघन निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर हजारों साल पुराने 'पुरापाषाणकाल शैलचित्रों' के निशान मिले । जिसके बाद मैंने फौरन पीएमओ में तमाम चित्रों सहित ऐसे स्थानों को सरंक्षित करने हेतु पत्र लिखा जिसके बाद पुरातत्व विभाग ने फौरन संज्ञान लेते हुए आज लखनऊ से तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम भेजी । वास्तव में आज पाठा के जंगलों में मानव सभ्यता के हजारों साल पुराने निशान देखकर गर्व महसूस हुआ । इन सभी शैलाश्रयों को सरंक्षित कराने हेतु हमारा (मानिकपुर विकास मोर्चा) संघर्ष जारी रहेगा । आप सभी क्षेत्रवासियों से विनम्र निवेदन है कि इस महान यज्ञ में सहयोग करें । क्योंकि -
"जिसको न निज भाषा, निज देश पर अभिमान है, वह नर नहीं, नर-पशु निरा और मृतक समान है।"

आपका
अनुज हनुमत
संस्थापक , मा. वि. मो.

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