#बुन्देलखण्ड : चुनाव आते ही क्यों गायब हो जाता है अवैध खनन और किसानों-मजदूरों के पलायन का मुद्दा !
यूपी में सात चरणों में चुनाव हैं जिसमे अभी तक दो चरण के चुनाव सकुशक सपन्न हो चुके हैं । बुन्देलखण्ड में मतदान आने वाली 23 तारीख़ को है और यहाँ के तमाम सियासी सूरमा पूरी मेहनत के साथ अपनी अपनी जीत के लिये दिन रात एक किये हुए हैं । लेकिन इनकी मेहनत जनता के लिये कम और अपने सत्ता प्रेम के लिए ज्यादा दिखाई दे रही है तभी तो यहाँ के वास्तविक मुद्दे इस चुनाव में गायब दिख रहे हैं । कोई भी पार्टी कोई भी प्रत्याशी उन ज्वलन्त मुद्दों को उठा ही नही रहा जिसके कारण दशकों से बुन्देलखण्ड अपनी बदहाली पर रोने के लिए मजबूर है । यहाँ की सबसे बड़ी समस्याएं अवैध खनन एवं लोगों का लगातार हो रहा पलायन है जिसके कारण बड़े पैमाने पर यहां की खनिज संपदा बर्बाद की जा रही है जिससे प्रकृति को भी लगातार नुकसान हो रहा है । अवैध खनन के कारण हजारों करोड़ों के राजस्व की सरकार को चपत लग रही है । ‘ चित्रकूट में रम रहे , रहिमन अवध नरेश, जा पर विपदा परत है, सो आवत इही देश ’ । रहीम की ये पंक्तियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सैकड़ो वर्ष पहले थी । चित्रकूट पर्यटन के लिहाज से बुन्देलखण्ड का एक अहम जिला है ।...